उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bahut KHush ho mujhe barbaad kar ke

बहुत ख़ुश हो मुझे बर्बाद कर के

بہت خوش ہو مجھے برباد کر کے

शायर: Faisal Qadri Gunnauri7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बहुत ख़ुश हो मुझे बर्बाद कर के
कभी देखो किसी को शाद कर के

उन्हें मा'लूम क्या ख़ल्वत में कोई
बहुत रोया है उन को याद कर के

परेशाँ करना है बस उन का मक़्सद
नए क़ानून को ईजाद कर के

सुकूँ हासिल बहुत होगा यक़ीनन
किसी मजबूर की इमदाद कर के

सिला देगा ख़ुदा तेरे 'अमल का
तुझे भी साहिब-ए-औलाद कर के

वक़ार अपना किया पामाल हम ने
हर इक दरबार में फ़रियाद कर के

ग़ज़ल हो तेरी 'फ़ैसल' ना-मुकम्मल
न दें इस्लाह जो उस्ताद कर के