उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ganw ki miTTi hawa pani ke sath

गाँव की मिट्टी हवा पानी के साथ

گاؤں کی مٹی ہوا پانی کے ساتھ

शायर: Yash Trivedi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

गाँव की मिट्टी हवा पानी के साथ
कट रही हैं छुट्टियाँ नानी के साथ

इब्तिदा की जब तुम्हारे नाम से
बन गए सब काम आसानी के साथ

और कामों में समझदारी सही
'इश्क़ मैं करता हूँ नादानी के साथ

और फिर आख़िर में बच्चों यूँ हुआ
मर गया राजा भी उस रानी के साथ