उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dekho yahan na raat karo main nashe mein hun

देखो यहाँ न रात करो मैं नशे में हूँ

دیکھو یہاں نہ رات کرو میں نشہ میں ہوں

शायर: Yash Trivedi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

देखो यहाँ न रात करो मैं नशे में हूँ
कुछ हो न जाए यार सुनो मैं नशे में हूँ

हर एक मय-कदे का यहाँ एक सा है हाल
हर शख़्स कह रहा है सुनो मैं नशे में हूँ

पूछूँगा आ के होश में हर बात आप से
जो कुछ बकूँ वो याद रखो मैं नशे में हूँ

टोका अगर तो होगी वही इब्तिदा से बात
चुप-चाप मेरी बात सुनो मैं नशे में हूँ