उर्दू शायरी · ग़ज़ल

fariyaad nahin shukr-e-sitam karte rahenge

फ़रियाद नहीं शुक्र-ए-सितम करते रहेंगे

فریاد نہیں شکر ستم کرتے رہیں گے

शायर: Yadgar Husain Nashtar Khairabadi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

फ़रियाद नहीं शुक्र-ए-सितम करते रहेंगे
हम ख़ुद उन्हें मजबूर-ए-करम करते रहेंगे

का'बे को शिकायत है तो हो अपने ख़ुदा से
सज्दे तो दर-ए-यार पे हम करते रहेंगे

दुनिया को सुनाने के लिए शे'र की सूरत
जो हम पे गुज़रती है रक़म करते रहेंगे

मय-ख़ाना सलामत रहे हम दूर से 'नश्तर'
नज़्ज़ारगी-ए-दैर-ओ-हरम करते रहेंगे