उर्दू शायरी · ग़ज़ल

duniya se munh moD liya hai

दुनिया से मुँह मोड़ लिया है

دنیا سے منہ موڑ لیا ہے

शायर: Saadiq Dehlavi10 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दुनिया से मुँह मोड़ लिया है
तुझ से नाता तोड़ लिया है

नज़्र-ए-मोहब्बत पेश करेंगे
दिल का शीशा तोड़ लिया है

जिस को नहीं है तुझ पे भरोसा
उस ने मुक़द्दर फोड़ लिया है

क्यों न रहे इक कैफ़ का 'आलम
साक़ी से दिल जोड़ लिया है

फिर वो जान-ए-आरज़ू आया
फिर दिल ने इक मोड़ लिया है

साज़-ए-नफ़स का हर इक नग़्मा
याद से तेरी जोड़ लिया है

डूबने वाली हर कश्ती ने
साहिल से रुख़ मोड़ लिया है

'इश्क़ में अपने दिल का त'अल्लुक़
तेरे ग़म से जोड़ लिया है

'इश्क़ की है ये कौन सी मंज़िल
ख़ुद से भी मुँह मोड़ लिया है

तेरी मोहब्बत में 'सादिक़' ने
सब से रिश्ता तोड़ लिया है