उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil taffun se bhar gaya hoga

दिल तअ'फ़्फ़ुन से भर गया होगा

دل تعفن سے بھر گیا ہوگا (ردیف .. ی)

शायर: Sabahat Urooj6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल तअ'फ़्फ़ुन से भर गया होगा
मैं मोहब्बत को गाड़ आई थी

चंद रिश्ते वहीं पे डूबे थे
मेरे गाँव में बाढ़ आई थी

आज रस्सी ख़रीद लाई हूँ
धूल पंखे से झाड़ आई थी

ये उदासी कहाँ से फूट पड़ी
मैं तो जड़ से उखाड़ आई थी

तुम मिरी ज़िंदगी सँवारोगे
जिस को मैं ख़ुद बिगाड़ आई थी

बस मुझे एक घर बसाना था
पूरी बस्ती उजाड़ आई थी