उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil mein kuchh kuchh thakan hai pyare

दिल में कुछ कुछ थकान है प्यारे

دل میں کچھ کچھ تھکان ہے پیارے

शायर: Om Bhutkar Maghloob4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल में कुछ कुछ थकान है प्यारे
फिर भी महफ़िल जवान है प्यारे

तू ने पी तो शराब ख़ुद बोली
कितनी मीठी ज़बान है प्यारे

मैं तिरे दिल में रहने आऊँ क्या
मेरा छोटा मकान है प्यारे

छेड़ दी दास्तान-ए-दिल मेरी
अब तिरा इम्तिहान है प्यारे