उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil mein kuchh aae jo KHayal nae

दिल में कुछ आए जो ख़याल नए

دل میں کچھ آئے جو خیال نئے

शायर: Habiba Ikram7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल में कुछ आए जो ख़याल नए
हम से होते गए कमाल नए

'इज़्ज़त-ए-नफ़्स जाँ से प्यारी है
लाख दुनिया बिछाए जाल नए

जब भी ख़ुशियाँ क़रीब आती हैं
घेर लेते हैं कुछ मलाल नए

जबकि बे-दाग़ है मिरा दामन
फिर भी उठने लगे सवाल नए

कितनी मुश्किल से दिल सँभाला है
वसवसे अब न और डाल नए

धड़कनें अब कहाँ मिरे बस में
वो मिला है बना के हाल नए

क्या कहूँ अपना हाल-ए-दिल तुम से
ग़म पुराने हैं और साल नए