उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil mein baaten chhupana Thik nahin

दिल में बातें छुपाना ठीक नहीं

دل میں باتیں چھپانا ٹھیک نہیں

शायर: Vikas Agrawal Bindal7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल में बातें छुपाना ठीक नहीं
ख़ुद ही ख़ुद को सताना ठीक नहीं

दिल की कुछ हसरतें कहें मुझ से
चाहतों को दबाना ठीक नहीं

तुम कभी तो मुझे हँसाओ भी
हर घड़ी बस रुलाना ठीक नहीं

प्यार हम पर लुटा नहीं पाते
फिर ये ग़ुस्सा दिखाना ठीक नहीं

दिल दुखाया करो फ़क़त मेरा
ग़ैरों के दिल दुखाना ठीक नहीं

तुम को रहना है मेरे दिल में रहो
हर कहीं पर ठिकाना ठीक नहीं

मेरी नींदें उड़ाने को 'बिंदल'
यूँ ख़यालों में आना ठीक नहीं