उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil laga baiTha hun us ayyar se

दिल लगा बैठा हूँ उस अय्यार से

دل لگا بیٹھا ہوں اس عیار سے

शायर: Pandit Vidya Ratan Aasi9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल लगा बैठा हूँ उस अय्यार से
जिस को नफ़रत है वफ़ा से प्यार से

देखिए हम किस क़दर हैं बे-नियाज़
कुछ न माँगा हुस्न की सरकार से

ऐ निगाह-ए-नाज़ तेरा शुक्रिया
मुतमइन है दिल तिरी गुफ़्तार से

किस लिए हूँ ज़िंदगी से बद-गुमाँ
काश वो पूछे किसी दिन प्यार से

ज़िंदगी भी हम से है बेज़ार सी
ज़िंदगी से हम भी हैं बेज़ार से

हर बशर के वास्ते है लाज़मी
काम ले शीरीनी-ए-गुफ़्तार से

आप की ख़ातिर हुए बर्बाद हम
आप भी हैं हम से कुछ बेज़ार से

दोस्ती उन से निभेगी किस तरह
मैं हूँ दीवाना तो वो होशियार से

ग़ैर तो फिर ग़ैर हैं 'आसी' मगर
आप भी कुछ कम नहीं अग़्यार से