उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil ki jawani Dhal jaegi ret apne thal jaegi

दिल की जवानी ढल जाएगी रेत अपने थल जाएगी

دل کی جوانی ڈھل جائے گی ریت اپنے تھل جائے گی

शायर: Osama Khalid4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल की जवानी ढल जाएगी रेत अपने थल जाएगी
और हमारा 'अक्स फ़ज़ा में सुर्ख़ धुआँ बन जाएगा

दीवारों के बीच पड़ी है बंद दरीचे की तस्वीर
सोच रहा हूँ इस कमरे में चोर कहाँ से आएगा

तुम ने मेरी गन देखी है और बुलेट से वाक़िफ़ हो
उस का ज़िक्र ज़बाँ पर लाओ आज पता चल जाएगा

तीर-अंदाज़ी करते करते सब को नींद आ जाएगी
और सिपह-सालार का बेटा टेंशन से मर जाएगा