उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil be-niyaz-e-kawish-e-dauran hai aaj kal

दिल बे-नियाज़-ए-काविश-ए-दौराँ है आज कल

دل بے نیاز کاوش دوراں ہے آج کل

शायर: Raaz Muradabadi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल बे-नियाज़-ए-काविश-ए-दौराँ है आज कल
दिल से सिवा वो दिल का निगहबाँ है आज कल

मेरे नफ़स नफ़स पे ये एहसाँ है आज कल
उस की तरफ़ से पुर्सिश-ए-पिन्हाँ है आज कल

रग रग में जैसे कोई ख़िरामाँ है आज कल
दर्द-ए-फ़िराक़ सर-ब-गरेबाँ है आज कल

इक इक नज़र है दावत-ए-नज़्ज़ारा-ए-जमाल
मंज़र हर एक सूरत-ए-जानाँ है आज कल

ये मो'जिज़ात-ए-जज़्ब-ए-मोहब्बत तो देखना
शाम-ए-फ़िराक़ सुब्ह-ए-दरख़्शाँ है आज कल

बरपा है चश्म-ए-नाज़ में इक हश्र-ए-इल्तिफ़ात
सच-मुच जफ़ा पे कोई पशेमाँ है आज कल

दिल मुतमइन है 'राज़' तो आलम हसीन है
सहरा हरीफ़-ए-रंग-ए-गुलिस्ताँ है आज कल