उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil agar be-qarar hai to hai

दिल अगर बे-क़रार है तो है

دل اگر بے قرار ہے تو ہے

शायर: Madhav Jha8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल अगर बे-क़रार है तो है
तुम को भी मुझ से प्यार है तो है

अब गुज़ारो सुकून से दिन तुम
खोया मेरा क़रार है तो है

तुझ को क़िस्मत अता करे सावन
अश्क की याँ फुहार है तो है

तेरी राहें सजी हो फूलों से
मेरे जीवन में ख़ार है तो है

राह-ए-उल्फ़त से अब न लौटूँगा
मेरा दिल ही शिकार है तो है

ज़िंदगी पर नहीं यक़ीं मुझ को
मौत पे ए'तिबार है तो है

सच हमेशा अकेला रहता है
झूट की गर क़तार है तो है

ज़िंदगी बेवफ़ा नहीं लेकिन
मौत का इंतिज़ार है तो है