उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dikha raha hun tamasha samajh mein aa jae

दिखा रहा हूँ तमाशा समझ में आ जाए

دکھا رہا ہوں تماشہ سمجھ میں آ جائے

शायर: Nadeem Bhabha7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिखा रहा हूँ तमाशा समझ में आ जाए
कि एक बार उसे दुनिया समझ में आ जाए

ये लोग जा तो रहे हैं नए ज़माने में
दुआ करो इन्हें रस्ता समझ में आ जाए

ग़लत न जान कि आँखें नहीं रहीं मेरी
सो छू रहा हूँ कि चेहरा समझ में आ जाए

ख़ुदा करे तुझे तहज़ीब-ए-मय-कशी हो नसीब
ख़ुदा करे तुझे नश्शा समझ में आ जाए

ये लोग जंग की बातें नहीं करेंगे अगर
गली में खेलता बच्चा समझ में आ जाए

हम उस को अपना समझते हैं अपना मानते हैं
जिसे हमारा इलाक़ा समझ में आ जाए

'नदीम' दूसरा उन को दिखाई देता नहीं
'नदीम' जिन को भी पहला समझ में आ जाए