उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dar-o-rasan ne kis ko chuna dekhte chalen

दार-ओ-रसन ने किस को चुना देखते चलें

دار و رسن نے کس کو چنا دیکھتے چلیں

शायर: Hafeez Merathi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दार-ओ-रसन ने किस को चुना देखते चलें
ये कौन सर-बुलंद हुआ देखते चलें

आएगा फिर चमन पे तसर्रुफ़ का वक़्त भी
पहले क़फ़स की आब-ओ-हवा देखते चलें

जाते थे हम तो फेर के मुँह जल्वा-गाह से
लेकिन दिल ओ नज़र ने कहा देखते चलें

हाँ इक नज़र 'हफ़ीज़' पे इबरत के वास्ते
क्या रह गई है क़द्र-ए-वफ़ा देखते चलें