उर्दू शायरी · ग़ज़ल

chhupi dil mein jo yaad-e-yar hogi

छुपी दिल में जो याद-ए-यार होगी

چھپی دل میں جو یاد یار ہوگی

शायर: Hafeez Shahid9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

छुपी दिल में जो याद-ए-यार होगी
मसाफ़त और भी दुश्वार होगी

ख़बर क्या थी कि हाइल रास्ते में
पस-ए-दीवार भी दीवार होगी

गिला इंकार का उस से करूँ क्या
कोई तो सूरत-ए-इंकार होगी

उसे जब मानना कुछ भी नहीं है
दलालत भी मिरी बे-कार होगी

मुझे मालूम ही कब था ये पहले
ख़िरद ख़ुद ही जुनूँ-आसार होगी

सर-ए-महफ़िल मिरी आतिश-बयानी
किसी का शो'ला-ए-रुख़्सार होगी

वो गुल महकेगा जब दिल के चमन में
मिरी हर साँस खुशबू-दार होगी

ग़ुरूर-ए-सर-बुलंदी क्या कि इक दिन
न सर होगा न ये दस्तार होगी

मिरी ख़ाक-ए-बदन इक रोज़ 'शाहिद'
बराए कूचा-ए-दिलदार होगी