उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aaj bhi mushkilat kam to nahin

आज भी मुश्किलात कम तो नहीं

آج بھی مشکلات کم تو نہیں

शायर: Hafeez Shahid7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आज भी मुश्किलात कम तो नहीं
बारिश-ए-हादसात कम तो नहीं

एक सूरज ग़ुरूब होने से
रौनक़-ए-काएनात कम तो नहीं

क्यूँ शिकायत है मौसम-ए-गुल से
शाख़ पर फूल-पात कम तो नहीं

उम्र भर की रफ़ाक़तों के बा'द
हिज्र की एक रात कम तो नहीं

उस की मर्ज़ी से चार दिन जीना
इस क़दर भी हयात कम तो नहीं

मैं तिरी ज़ात ही का हिस्सा हूँ
मुझ में तेरी सिफ़ात कम तो नहीं

वक़्त से क्या गिला करूँ 'शाहिद'
वक़्त का इल्तिफ़ात कम तो नहीं