उर्दू शायरी · ग़ज़ल

be-samar sohbaton se behtar hain

बे-समर सोहबतों से बेहतर हैं

بے ثمر صحبتوں سے بہتر ہیں

शायर: Qamar Aasi9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बे-समर सोहबतों से बेहतर हैं
रंजिशें उल्फ़तों से बेहतर हैं

साँप अच्छे नहीं यक़ीनन नईं
पर मिरे दोस्तों से बेहतर हैं

हासिल-ए-इश्क़ है ये इक जुमला
फ़ासले क़ुर्बतों से बेहतर हैं

कारहा-ए-हवस में हैं मशग़ूल
मश्ग़ले फ़ुर्सतों से बेहतर हैं

रास्ते रास्ती के मत छोड़ो
वादियाँ पर्बतों से बेहतर हैं

क़ुफ़्ल बेहतर नहीं ज़बानों पर
हाँ मगर ग़ीबतों से बेहतर हैं

हम हैं बेहतर कई बलाओं से
वो कई आफ़तों से बेहतर हैं

आप और हम में फ़र्क़ है इतना
आप कुछ निस्बतों से बेहतर हैं

बद-गुमानों से दूरियाँ 'आसी'
ख़्वा-मख़्वाह हुज्जतों से बेहतर हैं