उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bataen kya ki kya kya bolta hai

बताएँ क्या कि क्या क्या बोलता है

بتائیں کیا کہ کیا کیا بولتا ہے

शायर: Deepak Ghazipuri5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बताएँ क्या कि क्या क्या बोलता है
कि जब दुनिया में पैसा बोलता है

ज़बाँ से कुछ वो बोले झूट या सच
हक़ीक़त उस का चेहरा बोलता है

जो सच का दम घुटा तो कुछ न बोला
तो ख़ुद को कैसे ज़िंदा बोलता है

सियासत क्या कहें कैसी बला है
यहाँ कव्वा भी मीठा बोलता है

क़लम टूटी ज़बाँ गिरवी है जिस की
अंधेरे को उजाला बोलता है