उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ashkon se jo nahaen lahu se wuzu karen

अश्कों से जो नहाएँ लहू से वुज़ू करें

اشکوں سے جو نہائیں لہو سے وضو کریں

शायर: Saba Naqvi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अश्कों से जो नहाएँ लहू से वुज़ू करें
क़ुर्बान-गाह-ए-फ़र्ज़ की वो गुफ़्तुगू करें

सेहन-ए-चमन में ढूँड चुके हुस्न-ए-इर्तिक़ा
सहरा में अब तजस्सुस-ए-जोश-ए-नुमू करें

इस शहर-ए-बे-अमाँ में जो सद-चाक हो गया
उस दामन-ए-हयात को कैसे रफ़ू करें

जब हुस्न की असास दिल-ए-बे-यक़ीं पे है
फिर किस लिए हम अपने जिगर को लहू करें

पैमाना-ए-ख़ुलूस नहीं जिस का दिल 'सबा'
उस शाहिद-ए-जमाल की क्या आरज़ू करें