उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ai sar-phiri hawa tujhe isko KHabar bhi hai

ऐ सर-फिरी हवा तुझे इस की ख़बर भी है

اے سر پھری ہوا تجھے اس کی خبر بھی ہے

शायर: Charan Singh Bashar6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ऐ सर-फिरी हवा तुझे इस की ख़बर भी है
तू जिस तरफ़ चली है उधर मेरा घर भी है

दस्तार मुझ से माँगने वाले नज़र उठा
दस्तार ही नहीं मिरे शाने पे सर भी है

ज़ाहिर में ठीक-ठाक है हर एक आदमी
अंदाज़-ए-गुफ़्तुगू में बिखरने का डर भी है

तेरी ही ख़ुशबुओं से महकती है रहगुज़र
तेरी तरफ़ सफ़र भी तू ही हम-सफ़र भी है

दुनिया तिरी 'अजीब है मेरे ख़ुदा जहाँ
जीने की आरज़ू भी है मरने का डर भी है

अल्लाह से 'बशर' नहीं छुपता किसी का हाल
क्या है हमारे दिल में उसे ये ख़बर भी है