उर्दू शायरी · ग़ज़ल

agar kuchh sikhna hai zindagi se

अगर कुछ सीखना है ज़िंदगी से

اگر کچھ سیکھنا ہے زندگی سے

शायर: Charan Singh Bashar5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अगर कुछ सीखना है ज़िंदगी से
चलो आग़ाज़ कर लें आज ही से

बहुत मजबूर कर देती है दुनिया
कोई मरता नहीं अपनी ख़ुशी से

हमें भी ख़ाक होना है सहर तक
लिपट जाएँगे हम भी रौशनी से

नदी की 'अज़्मतें तस्लीम लेकिन
नदी हारी हुई है तिश्नगी से

बहुत एहसान है उर्दू ज़बाँ का
बहुत 'इज़्ज़त मिली है शा'इरी से