उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aankhon aankhon lipTi hui hairani hai

आँखों आँखों लिपटी हुई हैरानी है

آنکھوں آنکھوں لپٹی ہوئی حیرانی ہے

शायर: Parwez Rahmani8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आँखों आँखों लिपटी हुई हैरानी है
आईना आईना रु-गर्दानी है

ख़ाना-दारी पर है ख़ल्वत का मौसम
वक़्त गुज़ारी क़िस्सा और कहानी है

मुश्किल तो ये है अब मुश्किल कोई नहीं
जो भी सूरत है जानी-पहचानी है

सात बखेड़े सात झमेले सब के साथ
चौदा घर में बिखरी एक कहानी है

क़िस्सों से हम-ज़ाद निकल आया बाहर
हाल के पर्दे पर तस्वीर पुरानी है

ख़ुद मर्ज़ी है वार हमारे दिल पारे
ज़िद पर है जो शय वो ख़ुद फ़रमानी है

साहिल साहिल बाज़ू बुरीदा बैठे हैं
ग़र्क़ाबी पर टख़ने टख़ने पानी है

अहद-ए-सितारा जंग है मंज़र-याबी पर
दिल दिल 'रहमानी' वहशत-सामानी है