उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aaKHirash dard ya dawa tha main

आख़िरश दर्द या दवा था मैं

آخرش درد یا دوا تھا میں

शायर: Qamar Saqi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आख़िरश दर्द या दवा था मैं
ज़िंदगी तू बता कि क्या था मैं

मैं कभी इक जगह रुका ही नहीं
ऐसा लगता है कि हवा था मैं

हाँ मुझे ख़ुद को ज़ेर करना पड़ा
अपने रास्ते में आ रहा था मैं

ऐ 'क़मर' अब मुझे भी याद नहीं
आख़िरी बार कब हँसा था मैं