उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aa gaya yaad KHuda aaKHir-kar

आ गया याद ख़ुदा आख़िर-कार

آ گیا یاد خدا آخر کار

शायर: Tahir Tilhari5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आ गया याद ख़ुदा आख़िर-कार
उठ गया दस्त-ए-दुआ' आख़िर-कार

हम कि थे सरकश-ओ-मग़रूर बहुत
सर झुकाना ही पड़ा आख़िर-कार

कान से जो न सुना था पहले
आँख से देख लिया आख़िर-कार

दिल में अब कोई तमन्ना न रही
बुझ गया ये भी दिया आख़िर-कार

आए जिस के भी क़दम धरती पर
एक दिन मर ही गया आख़िर-कार