नात लिरिक्स

Ye Keh Rahe Hain Bulbul-e-Sidra Nahin Mila

ये कह रहे हैं बुलबुल-ए-सिदरा नहीं मिला

नात ख़्वान: शादाब-ओ-पैकरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ये कह रहे हैं बुलबुल-ए-सिदरा, नहीं मिलाकोई रसूल-ए-पाक के जैसा नहीं मिला

ज़िंदा है गर ज़मीर तो इंसाफ़ से कहोकिस को दर-ए-रसूल का टुकड़ा नहीं मिला

मस्जिद से कब निकाला था मेरे रसूल नेअब तक मुनाफ़िक़ों को ठिकाना नहीं मिला

ज़िंदा हैं वालिदैन तो जन्नत ख़रीद लोफिर बा'द में न कहना कि मौक़ा' नहीं मिला

दुनिया में और भी हैं हया-दार बेटियाँलेकिन जवाब-ए-फ़ातिमा-ज़हरा नहीं मिला

मय्यत रखी है जिस की वही ख़ुद इमाम हैसाबिर पिया के जैसा जनाज़ा नहीं मिला

अहमद रज़ा के क़द को चला था जो नापनेउस की तरह हमें कोई बौना नहीं मिला

सरकार-ए-अज़हरी के नहीं हों जहाँ मुरीदऐसा मुझे कोई भी 'इलाक़ा नहीं मिला

गौहर ! हरम में ऐसा कबूतर नहीं कोईजिस को दर-ए-रसूल से दाना नहीं मिला

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