नात लिरिक्स

Ye Dil Bhi Hussaini Hai Ye Jaan Bhi Hussaini Hai

ये दिल भी हुसैनी है ये जाँ भी हुसैनी है

नात ख़्वान: मीलाद रज़ा क़ादरीशायर: अहमद अली हाकिमउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ये दिल भी हुसैनी है, ये जाँ भी हुसैनी हैसद-शुक्र कि अपना तो ईमाँ भी हुसैनी है

तू माने या न माने, अपना तो 'अक़ीदा हैहर क़ारी के होंटों पर क़ुरआँ भी हुसैनी है

रौनक़ है मसाजिद में शब्बीर के सदक़े सेमिम्बर भी हुसैनी है, आज़ाँ भी हुसैनी है

जिब्रील झुलाता है हसनैन के झूले कोलगता है कि आक़ा का दरबाँ भी हुसैनी है

गिरने नहीं देता है काँधों से नवासों कोक्या ख़ूब कि नबियों का सुल्ताँ भी हुसैनी है

धड़कन की नगरिया में देखा तो नज़र आयाहसरत भी हुसैनी है, अरमाँ भी हुसैनी है

तुम समझो या न समझो, ऐ अहल-ए-जहाँ ! लेकिनहै लब पे जो हाकिम के ये बयाँ भी हुसैनी है

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।