नात लिरिक्स

Ya Shah-e-Umam Ik Nazar-e-Karam

या शाह-ए-उमम इक नज़र-ए-करम

नात ख़्वान: ज़ुल्फ़िक़ार अली हुसैनीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या शाह-ए-उमम ! इक नज़र-ए-करममोरी लाज तुम्हारे हाथ, सरकार !मोरी नय्या लगा दो अपने करम से पार

सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं !सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं !

टूटी हुई आस हूँ मैं, दुख से भरा दिल है मेरानज़र-ए-करम बहर-ए-ख़ुदा, कोई नहीं तेरे सिवा

सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं !सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं !

ग़मख़्वार-ए-जहाँ तस्कीन-ए-जाँ !इक शब तो मुझे भी हो दीदारमोरी नय्या लगा दो अपने करम से पार

या शाह-ए-उमम ! इक नज़र-ए-करममोरी लाज तुम्हारे हाथ, सरकार !मोरी नय्या लगा दो अपने करम से पार

बाग़-ए-इरम शहर तेरा, जिस की हवा मुश्क-ए-ख़ुतननाम तेरा सल्ले-'अला, रूह-ए-बयाँ, जान-ए-सुख़न

सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं !सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं !

हों दूर मेरे सब रंज-ओ-अलमफिर आऊँ मदीने में इक बारमोरी नय्या लगा दो अपने करम से पार

या शाह-ए-उमम ! इक नज़र-ए-करममोरी लाज तुम्हारे हाथ, सरकार !मोरी नय्या लगा दो अपने करम से पार

'आसी हूँ मैं, बिगड़े नसीब, रख लो भरम, रब के हबीब !रूह-ए-अदब, जान-ए-अदीब, तुम ही तो हो सब के तबीब

सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं !सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं !

तुम्हें क्या है कमी, मक्की-मदनी !तुम दोनों जहाँ के हो मुख़्तारमोरी नय्या लगा दो अपने करम से पार

या शाह-ए-उमम ! इक नज़र-ए-करममोरी लाज तुम्हारे हाथ, सरकार !मोरी नय्या लगा दो अपने करम से पार

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