नात लिरिक्स

Ya Rasoolallah Tere Chahne Walon Ki Khair (All Versions)

या रसूलल्लाह तेरे चाहने वालों की ख़ैर

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या रसूलल्लाह ! तेरे चाहने वालों की ख़ैरसब ग़ुलामों का भला हो, सब करें तयबा की सैर

या रसूलल्लाह ! तेरे चाहने वालों की ख़ैर

अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह !

या ख़ुदा ! 'आलम में ऊँचा परचम-ए-इस्लाम होदुश्मनान-ए-दीं मुसलमानों से हों मग़लूब-ओ-ज़ेर

या रसूलल्लाह ! तेरे चाहने वालों की ख़ैर

अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह !

या नबी ! तेरी दुहाई आफ़तों में घिर गयारुख़ बदल दे मुश्किलों का और बलाएँ मुझ से फेर

या रसूलल्लाह ! तेरे चाहने वालों की ख़ैर

अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह !

गुंबद-ए-ख़ज़रा को देखे एक 'अर्सा हो गयाकब खुलेगी मेरी क़िस्मत, अब लगेगी कितनी देर !

या रसूलल्लाह ! तेरे चाहने वालों की ख़ैर

अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह !

काश ! तयबा में शहादत का 'अता हो जाए जामजल्वा-ए-महबूब में अंजाम मेरा हो ब-ख़ैर

या रसूलल्लाह ! तेरे चाहने वालों की ख़ैर

अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह !

जाम ऐसा अपनी उल्फ़त का पिला दे, साक़िया !ना'त सुन कर हालत-ए-'अत्तार हो रो रो के ग़ैर

या रसूलल्लाह ! तेरे चाहने वालों की ख़ैर

अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह !

बतला दो गुस्ताख़-ए-नबी को ग़ैरत-ए-मुस्लिम ज़िंदा हैउन पर मर मिटने का जज़्बा कल भी था और आज भी है

या रसूलल्लाह ! तेरे चाहने वालों की ख़ैर

अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह !

लब पर ना'त-ए-पाक का नग़्मा कल भी था और आज भी हैमेरे नबी से मेरा रिश्ता कल भी था और आज भी है

या रसूलल्लाह ! तेरे चाहने वालों की ख़ैर

अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह !

मैं वो सुन्नी हूँ जमील-ए-क़ादरी ! मरने के बा'दमेरा लाशा भी कहेगा अस्सलातु व-स्सलाम

या रसूलल्लाह ! तेरे चाहने वालों की ख़ैर

अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह !

मेरे लहू का क़तरा क़तरा बोले या रसूलल्लाहमेरे वतन का बच्चा बच्चा बोले या रसूलल्लाह

या रसूलल्लाह ! तेरे चाहने वालों की ख़ैर

अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह !

हश्र तक डालेंगे हम पैदाइश-ए-मौला की धूममिस्ल-ए-फ़ारस नज्द के क़िल'ए गिराते जाएँगे

या रसूलल्लाह ! तेरे चाहने वालों की ख़ैर

अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह !

ख़ाक हो जाएँ 'अदू जल कर मगर हम तो, रज़ा !दम में जब तक दम है ज़िक्र उन का सुनाते जाएँगे

या रसूलल्लाह ! तेरे चाहने वालों की ख़ैर

अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह !

या रसूलल्लाह के ना'रे से हम को प्यार हैहम ने ये ना'रा लगाया अपना बेड़ा पार है

या रसूलल्लाह ! तेरे चाहने वालों की ख़ैर

अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह !

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