नात लिरिक्स

Waadi-e-Tasawwur Bhi Khushbuon Se Bhar Jaae

वादी-ए-तसव्वुर भी ख़ुशबूओं से भर जाए

नात ख़्वान: असद इक़बालउपलब्ध: हिंदी

वादी-ए-तसव्वुर भी ख़ुशबूओं से भर जाएनात का हसीं मिसरा मुश्क-बार कर जाए

रू-ए-मुस्तफ़ाई पर ज़ुल्फ़ जब बिखर जाएआईना अगर देखे, आईना सँवर जाए

इक तरफ़ हसीं जन्नत, इक तरफ़ हसीं रोज़ाइश्क़ कश्मकश में है, जाए तो किधर जाए

इस लिए रज़ा वाले ना'त-ए-पाक लिखते हैंइश्क़-ए-सरवर-ए-आलम रूह में उतर जाए

कश्ती-ए-मोहब्बत का डूबना है ना-मुम्किनउन के इक इशारे से डूब कर उभर जाए

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