नात लिरिक्स

Main Nazr Karoon Jaan-o-Jigar, Kaisa Lagega !

मैं नज़्र करूँ जान-ओ-जिगर, कैसा लगेगा !

नात ख़्वान: असद इक़बालउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मैं नज़्र करूँ जान-ओ-जिगर, कैसा लगेगा !रख दूँ दर-ए-सरकार पे सर, कैसा लगेगा !

आ जाएँ मुक़द्दर से शह-ए-दीं जो मेरे घरमैं कैसा लगूँगा ! मेरा घर कैसा लगेगा !

जब दूर से है इतना हसीं गुंबद-ए-ख़ज़राइस पार है ऐसा तो उधर कैसा लगेगा !

ग़ौस-उल-वरा से पूछ ले इक रोज़ ये चल करबग़दाद से तयबा का सफ़र कैसा लगेगा !

आ जाए तड़प के जो कहीं शेर-ए-बरेलीरूबाहों में वो शेर-ए-बबर कैसा लगेगा !

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