नात लिरिक्स

Jis Ko Tayba Ki Nisbat Gawaara Nahin

जिस को तयबा की निस्बत गवारा नहीं

नात ख़्वान: असद इक़बालउपलब्ध: हिंदी

जिस को तयबा की निस्बत गवारा नहींमुझ को ऐसों की चाहत गवारा नहीं

मेरे दिल पर हुकूमत है सरकार कीअब किसी की हुकूमत गवारा नहीं

मस्लक-ए-आ'ला-हज़रत का ऐलान हैसुल्ह-ए-कुल्ली जमाअ'त गवारा नहीं

मेरे ताज-ए-शरीअ'त का ऐलान हैनज्दियों की इमामत गवारा नहीं

नाम ही नाम हो काम कुछ भी न होऐसी दुनियावी शोहरत गवारा नहीं

माँ के क़दमों में रखा है रब ने जिसेछोड़ना ऐसी जन्नत गवारा नहीं

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