नात लिरिक्स

Utha Alam Husain Ka

उठा अलम हुसैन का

नात ख़्वान: अहमद-उल-फ़त्ताहशायर: अल्लामा सलमान रज़ा फ़रीदी मिस्बाहीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दीन को बचाने वाला कौन है ? हुसैन हैवा'दे को निभाने वाला कौन है ? हुसैन हैराह-ए-हक़ में सर कटाने के लिएकर्बला में जाने वाला कौन है ? हुसैन है

उठा 'अलम हुसैन का ! उठा 'अलम हुसैन का !उठा 'अलम हुसैन का ! उठा 'अलम हुसैन का !

सितम की जलती आग पर वो शान से खड़ा रहाजफ़ा के तीर खा के भी वो सब्र से अड़ा रहावो अपनी जाँ हथेली पर लिए हुए डटा रहाहै जुरअतों की राह पर क़दम क़दम हुसैन का

उठा 'अलम हुसैन का ! उठा 'अलम हुसैन का !उठा 'अलम हुसैन का ! उठा 'अलम हुसैन का !

हज़ार आँधियाँ चली, हज़ार इम्तिहाँ हुएचराग़-ए-हक़ वो थाम कर सभी को पार कर गएन तोड़ पाई मौत भी इरादे और हौसलेकिसी सितम के आगे सर हुआ न ख़म हुसैन का

उठा 'अलम हुसैन का ! उठा 'अलम हुसैन का !उठा 'अलम हुसैन का ! उठा 'अलम हुसैन का !

रवाँ-दवाँ जो मोमिनों के ख़ून में ये जोश हैजफ़ा हज़ार है मगर वफ़ा कफ़न-ब-दोश हैदिलों में दीन के लिए जो 'इश्क़-ए-सरफ़रोश हैकिया हुआ है जोश-ए-हक़ ये सब रक़म हुसैन का

उठा 'अलम हुसैन का ! उठा 'अलम हुसैन का !उठा 'अलम हुसैन का ! उठा 'अलम हुसैन का !

हैं सज्दे में हुज़ूर और पुश्त पर हुसैन हैंउठाया सर न आक़ा ने ये सोच कर हुसैन हैंदिल-ए-रसूल-ए-पाक को 'अज़ीज़-तर हुसैन हैंख़याल कितना रखते थे शह-ए-उमम हुसैन का

उठा 'अलम हुसैन का ! उठा 'अलम हुसैन का !उठा 'अलम हुसैन का ! उठा 'अलम हुसैन का !

ब-रोज़-ए-हश्र ख़ुल्द में वो हम को ले के जाएँगेवहाँ भी या हुसैन के तराने गुनगुनाएँगेउन्हीं के सामने हम उन की मन्क़बत सुनाएँगेबहिश्त जिस को कहते हैं वो है हरम हुसैन का

उठा 'अलम हुसैन का ! उठा 'अलम हुसैन का !उठा 'अलम हुसैन का ! उठा 'अलम हुसैन का !

हुसैनियो ! चलो उठो, हवा के रुख़ को मोड़ देंसितम के सारे सिलसिले को आओ मिल के तोड़ देंबिछड़ गए जो हम से, आओ उन दिलों को जोड़ देंनिभाएँ तर्ज़-ए-ज़िंदगी, फ़रीदी ! हम हुसैन का

उठा 'अलम हुसैन का ! उठा 'अलम हुसैन का !उठा 'अलम हुसैन का ! उठा 'अलम हुसैन का !

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