नात लिरिक्स

Tu Bakhsh Gaffaar ! Sab Khataaein, Nabi Ke Sadqe Muaaf Kar De

तू बख़्श ग़फ़्फ़ार ! सब ख़ताएँ, नबी के सदक़े मु'आफ़ कर दे

नात ख़्वान: मेहमूद अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तू बख़्श, ग़फ़्फ़ार ! सब ख़ताएँ, नबी के सदक़े मु'आफ़ कर देगुनाहगारों पे कर 'अताएँ, नबी के सदक़े मु'आफ़ कर दे

जिसे तू चाहे 'अज़ाब देगा, जिसे तू चाहेगा बख़्श देगानजात की माँगी है दु'आएँ, नबी के सदक़े मु'आफ़ कर दे

मु'आफ़ करता है फ़र्द-ए-'इस्याँ, क़ुबूल करता है सब की तौबातेरे सिवा हम किसे सुनाएँ, नबी के सदक़े मु'आफ़ कर दे

जब आख़री साँसें चल रही हों, तो सामने हो नबी का जल्वातो कलमा उस दम मुझे पढ़ाएँ, नबी के सदक़े मु'आफ़ कर दे

तेरे हैं बंदे 'इताब न कर, मु'आमला तू करम से फ़रमाअसर दिखाएँ मेरी दु'आएँ, नबी के सदक़े मु'आफ़ कर दे

क़रीब अब मौत आ गई है, तू नेक अब तो बना दे मुझ कोगुनाह मेरे मुझे रुलाएँ, नबी के सदक़े मु'आफ़ कर दे

ब-रोज़-ए-महशर हों यूँ उजागर, नबी के क़दमों में आएँ मुज़्तरशफ़ा'अत-ए-मुस्तफ़ा को पाएँ, नबी के सदक़े मु'आफ़ कर दे

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