नात लिरिक्स

Tu Bada Ghareeb Nawaz Hai

तू बड़ा ग़रीब नवाज़ है

नात ख़्वान: ज़ोहैब अशरफ़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ख़्वाजा पिया ! मोरे ख़्वाजा पिया !ख़्वाजा पिया ! मोरे ख़्वाजा पिया !

नियाज़-ओ-नाज़ का कैसा हसीन संगम हैजिधर ग़रीब खड़े हैं, उधर ग़रीब-नवाज़

तेरी ज़ात पर, तेरे नाम परख़्वाजा ! हम ग़रीबों को नाज़ हैतू बड़ा ग़रीब-नवाज़ हैतू बड़ा ग़रीब-नवाज़ है

तुझे तेरे पीर का वास्तामुझे, ख़्वाजा ! ऐसा नवाज़ देदे दे सदक़ा अपनी निग़ाह काइक नज़र ग़ुलाम पे डाल देतेरा काम, ख़्वाजा ! नवाज़नातू सदा से बंदा-नवाज़ है

तू बड़ा ग़रीब-नवाज़ हैतू बड़ा ग़रीब-नवाज़ है

मेरी बात ख़ाली न जाने देमेरी बात को, ख़्वाजा ! आज रखतेरे दर पे यूँ ही पड़ा रहूँमेरी बात की, ख़्वाजा ! लाज रखतेरा काम, ख़्वाजा ! नवाज़नातू सदा से बंदा-नवाज़ है

तू बड़ा ग़रीब-नवाज़ हैतू बड़ा ग़रीब-नवाज़ है

सख़ी और भी हैं जहान मेंतेरे जैसा कोई सख़ी नहींजिसे तू करम से नवाज़ देउसे दो-जहाँ में कमी नहींभरो झोली, ख़्वाजा ! हनीफ़ कीतेरा दस्त-ए-जूद-ए-दराज़ है

तू बड़ा ग़रीब-नवाज़ हैतू बड़ा ग़रीब-नवाज़ है

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