नात लिरिक्स

Badi Door Se Aaye Hain Moinuddin Sayyida Ka Sadqa Do

बड़ी दूर से आए हैं मुईनुद्दीन सय्यिदा का सदक़ा दो

नात ख़्वान: ज़ोहैब अशरफ़ीशायर: फ़ना बुलंदशहरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बड़ी दूर से आए हैं, मु'ईनुद्दीन ! सय्यिदा का सदक़ा दोबड़ी दूर से आए हैं, मु'ईनुद्दीन ! सय्यिदा का सदक़ा दो

ख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा पिया !ख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा पिया !

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ हामी-ए-बे-कसाँ !इल्तिजा सुन लो शाह-ए-उमम के लिएकर दो कर दो करम, मुर्शिद-ए-मोहतरम !तुम को भेजा गया है करम के लिए

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ हामी-ए-बे-कसाँ !इल्तिजा सुन लो शाह-ए-उमम के लिए

नूर-ए-शाह-ए-नजफ़ मेरे ख़्वाजा पिया !तेरी चौखट पे वलियों ने पहरा दियाख़ालिक़-ए-दो-जहाँ से ये रुत्बा मिलातेरे दरबार-ए-फ़ैज़-ओ-करम के लिए

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ हामी-ए-बे-कसाँ !इल्तिजा सुन लो शाह-ए-उमम के लिए

शाह-ए-अजमेर ! मेरा मसीहा है तूदर्द-मंदों के दुख का मदावा है तूतेरी निस्बत का दामन रहे हाथ मेंबस दवा है यही रंज-ओ-ग़म के लिए

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ हामी-ए-बे-कसाँ !इल्तिजा सुन लो शाह-ए-उमम के लिए

थामना हाथ, ऐ सय्यिद-ए-मेहरबाँ !है तेरा काम, ख़्वाजा ! ख़ता-पोशियाँलाज रखना फ़ना की, मु'ईन-ए-जहाँ !हश्र में, ताजदार-ए-हरम के लिए

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ हामी-ए-बे-कसाँ !इल्तिजा सुन लो शाह-ए-उमम के लिए

ख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा पिया !ख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा पिया !

बड़ी दूर से आए हैं, मु'ईनुद्दीन ! सय्यिदा का सदक़ा दो

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।