नात लिरिक्स

Allah Badshah Maula Badshah

अल्लाह बादशाह मौला बादशाह

नात ख़्वान: ज़ोहैब अशरफ़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या अल्लाहु ! या रहमानु ! या ग़फ़ूरुर्रहीम !

सहर होती है तारों से वो ताक़त छीन लेता हैब-वक़्त-ए-शाम सूरज से क़यादत छीन लेता हैउसे हर हाल में तुम याद रक्खो ये ही लाज़िम हैतकब्बुर करने वालों से वो 'इज़्ज़त छीन लेता है

अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह !अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह !

रहमत दा दरिया, इलाही ! हर दम वगदा तेराजे इक क़तरा बख़्शे मैनूँ, कम बण जावे मेरा

अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह !अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह !

ख़स ख़स जिन्नाँ क़द्र न मेरे साहिब नूँ वडियाइयाँमैं गलियाँ दा रूड़ा कूड़ा, महल चढ़ाइयाँ साइयाँ

अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह !अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह !

जिस दिल अंदर 'इश्क़ न रच्या, कुत्ते उस तों चँगेमालिक दे घर राखी कर दे साबिर बुक्खे नँगेमालिक दा दर नईं छड दे पावें मारो सो सो जुत्तेउठ, बुलया ! चल यार मना ले, नईं ते बाज़ी ले गए कुत्ते

अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह !अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह !

जे मैं वेखाँ 'अमलाँ वल्ले, कुझ नईं मेरे पल्लेजे मैं वेखाँ रहमत तेरी, बल्ले बल्ले बल्ले

अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह !अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह !

'अद्ल करें ताँ थर थर कंबण उचियाँ शानाँ वालेफ़ज़्ल करें ते बख़्शे जासण मैं जए मुँह काले

अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह !अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह !

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