नात लिरिक्स

Teri Chashm-e-Karam Se Hai Faqat Mera Bharam Sufi | Karam Sufi Bharam Sufi Mere Dil Ka Sanam Sufi

तेरी चश्म-ए-करम से है फ़क़त मेरा भरम सूफ़ी | करम सूफ़ी भरम सूफ़ी मेरे दिल का सनम सूफ़ी

नात ख़्वान: मुहम्मद शरीफ़ रज़ा पालीशायर: सय्यिद सरदार अहमद पालीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तेरी चश्म-ए-करम से है फ़क़त मेरा भरम, सूफ़ी !बुलाया मुझ को भी दर पर ये है तेरा करम, सूफ़ी !

नुज़ूल-ए-रहमत-ए-परवरदिगारा उस पे होता हैतुम्हारे 'इश्क़ में जो आँख हो जाती है नम, सूफ़ी !

बुलाया मुझ को भी दर पर ये है तेरा करम, सूफ़ी !

बताऊँ क्या तुम्हें ये नाम-ए-सूफ़ी बस गया दिल मेंकरम सूफ़ी, भरम सूफ़ी, मेरे दिल का सनम सूफ़ी

मैं बुरा हूँ या भला हूँ, मेरी लाज तुम निभानामुझे जानता है, सूफ़ी ! तेरे नाम से ज़माना

मुझे इस का ग़म नहीं है कि बदल गया ज़मानामेरी ज़िंदगी है तुम से, कहीं तुम न रूठ जाना

क़दमों में आ गया हूँ, सूफ़ी ! ख़ुदा-रा सुन लोमेरी दुख भरी कहानी, मेरा ग़म भरा फ़साना

बुलाया मुझ को भी दर पर ये है तेरा करम, सूफ़ी !

शरी'अत और तरीक़त, मा'रिफ़त देखा हक़ीक़त मेंहर इक मंज़िल पे मिलते हैं तेरे नक़्श-ए-क़दम, सूफ़ी !

बुलाया मुझ को भी दर पर ये है तेरा करम, सूफ़ी !

तुम्हारी ता'रीफ़-ओ-तौसीफ़ क्या सरदार लिक्खेगाफ़रिश्ते चूम लें वो है तेरा नक़्श-ए-क़दम, सूफ़ी !

बुलाया मुझ को भी दर पर ये है तेरा करम, सूफ़ी !

बीमार हैं हम और तेरे पास दवा हैदर की तेरे एक फूल की पत्ती में शिफ़ा है

बुलाया मुझ को भी दर पर ये है तेरा करम, सूफ़ी !

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