नात लिरिक्स

Tauba Ka Darwaza Khula Hai Tauba Astaghfar Karo

तौबा का दरवाज़ा खुला है तौबा अस्तग़फ़ार करो

शायर: बाबू फ़राज़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तौबा का दरवाज़ा खुला है, तौबा अस्तग़फ़ार करोगुनाह से नफ़रत करो हमेशा और नेकी से प्यार करो

अल्लाह त'आला फ़रमाता है, मैं ही बख़्शने वाला हूँतौबा करने वाला बन जा, माफ़ मैं करने वाला हूँमेरे बंदो ! सिद्क़-ए-दिल से तौबा तो कर के देखोअपनी रहमत काएनात पे मैं बरसाने वाला हूँनेकी के रस्तों पर आओ, तक़्वा इख़्तियार करोगुनाह से नफ़रत करो हमेशा और नेकी से प्यार करो

अच्छाई का रस्ता हम को जन्नत तक ले जाता हैऔर शैतान उन्हीं रस्तों पे मुँह तकता रह जाता हैवो इंसान जो ख़ुद शैतान के हर्बों को नाकाम करेवो ही तो दरअस्ल ज़माने में मोमिन कहलाता हैबुराई के गंदे रस्तों पर चलने से इंकार करोगुनाह से नफ़रत करो हमेशा और नेकी से प्यार करो

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