नात लिरिक्स

Kab Kaha Laal-o-Gauhar Dila Dijiye | Aaqa Mujh Ko Madina Dikha Dijiye

कब कहा लाल-ओ-गौहर दिला दीजिए | आक़ा मुझ को मदीना दिखा दीजिए

नात ख़्वान: वसीम बादामीशायर: बाबू फ़राज़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

कब कहा ला'ल-ओ-गौहर दिला दीजिएआक़ा ! मुझ को मदीना दिखा दीजिए

मैं भी आँखों से देखूँगी गुंबद हरामेरी आँखों को, मौला ! शिफ़ा दीजिए

आक़ा ! मुझ को मदीना दिखा दीजिए

कब कहा ला'ल-ओ-गौहर दिला दीजिएआक़ा ! मुझ को मदीना दिखा दीजिए

अच्छा लगता है मुझ को ये कहना बहुतगिर गया हूँ मैं, आक़ा ! उठा दीजिए

आक़ा ! मुझ को मदीना दिखा दीजिए

कब कहा ला'ल-ओ-गौहर दिला दीजिएआक़ा ! मुझ को मदीना दिखा दीजिए

आप से न कहूँ तो मैं किस से कहूँमेरी क़िस्मत से सख़्ती मिटा दीजिए

आक़ा ! मुझ को मदीना दिखा दीजिए

कब कहा ला'ल-ओ-गौहर दिला दीजिएआक़ा ! मुझ को मदीना दिखा दीजिए

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