नात लिरिक्स

Nazrein Jhuka Lo Palkein Bichha Lo | Naam-e-Muhammad Liya Ja Raha Hai

नज़रें झुका लो पलकें बिछा लो | नाम-ए-मुहम्मद लिया जा रहा है

नात ख़्वान: नवल ख़ानशायर: बाबू फ़राज़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नज़रें झुका लो, पलकें बिछा लोनाम-ए-मुहम्मद लिया जा रहा हैहोंटों पे मुस्कान अपने सजा लोनाम-ए-मुहम्मद लिया जा रहा है

नज़रें झुका लो, पलकें बिछा लोनाम-ए-मुहम्मद लिया जा रहा है

मेहमान है वो प्यारे नबी काआक़ा की महफ़िल में आता है जो भीपलकों पे अपनी उस को बिठा लोनाम-ए-मुहम्मद लिया जा रहा है

नज़रें झुका लो, पलकें बिछा लोनाम-ए-मुहम्मद लिया जा रहा है

पढ़ते रहो तुम दुरूदों की तस्बीहऔर यूँ करो तुम मोहब्बत की तशरीहतस्बीह को आँखों से अपनी लगा लोनाम-ए-मुहम्मद लिया जा रहा है

नज़रें झुका लो, पलकें बिछा लोनाम-ए-मुहम्मद लिया जा रहा है

आदम से पहले और बा'द-ए-आदमहै हर ज़माना नबी का ज़मानातुम भी ज़माने के संग गुनगुना लोनाम-ए-मुहम्मद लिया जा रहा है

नज़रें झुका लो, पलकें बिछा लोनाम-ए-मुहम्मद लिया जा रहा है

रखना यक़ीं तुम, आएँगे आक़ाआँगन में अपने जो महफ़िल सजेगीराहों पे उन की नज़रें जमा लोनाम-ए-मुहम्मद लिया जा रहा है

नज़रें झुका लो, पलकें बिछा लोनाम-ए-मुहम्मद लिया जा रहा है

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