नात लिरिक्स

Sare Musalmano Ko Ramzan Mubarak

सारे मुसलमानों को रमज़ान मुबारक

शायर: बाबू फ़राज़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

रजब मुबारक, शाबान मुबारकसारे मुसलमानों को रमज़ान मुबारकप्यारे मुसलमानों को रमज़ान मुबारक

रहे सलामत ईमान मुबारकसारे मुसलमानों को रमज़ान मुबारकप्यारे मुसलमानों को रमज़ान मुबारक

रहमतों के दरवाज़े खुल गए हैं हम पेने'मतों की बरसातें होने लगी 'आलम पेख़ुदा का हो ये एहसान मुबारकसारे मुसलमानों को रमज़ान मुबारकप्यारे मुसलमानों को रमज़ान मुबारक

नेकियों के कितने सामान हो रहे हैंकाम सारे देखो आसान हो रहे हैं

इफ़्तारी करना, सब को करानासहरी में छोटे-बड़ों को जगानानेकी की राहों में चलना चलानातक़वा क्या होता है सब को बतानारमज़ान में बंदगी का सलीक़ाख़ुद सीखना और सब को सिखाना

हो गया है कितना आसान मुबारकसारे मुसलमानों को रमज़ान मुबारकप्यारे मुसलमानों को रमज़ान मुबारक

रहे सलामत ईमान मुबारकसारे मुसलमानों को रमज़ान मुबारकप्यारे मुसलमानों को रमज़ान मुबारक

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