नात लिरिक्स

Karam Tu Kar De Khudaya Shab-e-Barat Aai

करम तू कर दे ख़ुदाया शब-ए-बरात आई

नात ख़्वान: नवल ख़ानशायर: हनीफ़ सानीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

शब-ए-बरात है, तू बख़्श दे, मौला !शब-ए-निजात है, तू बख़्श दे, मौला !

करम तू कर दे, ख़ुदाया ! शब-ए-बरात आईहै जोश पर तेरी रहमत, शब-ए-बरात आई

करम तू कर दे, ख़ुदाया ! शब-ए-बरात आईकरम तू कर दे, ख़ुदाया ! शब-ए-बरात आई

कि जिन के वालिदा वालिद नहीं हयात रहेन दादा-दादी रहे, न ही नाना-नानी रहेहैं रिश्तेदार मेरे सब को बख़्श दे, मौला !मेरी दु'आओं में शामिल सभी की बात आई

करम तू कर दे, ख़ुदाया ! शब-ए-बरात आईकरम तू कर दे, ख़ुदाया ! शब-ए-बरात आई

दु'आ में लब हैं हमारे और अश्क हैं जारीहैं ग़फ़लतों पे नज़र, एक ख़ौफ़ है तारीतेरे करम ने उमीदें मेरी बनाई हैतू माफ़ कर दे, ख़ुदाया ! करम की रात आई

करम तू कर दे, ख़ुदाया ! शब-ए-बरात आईकरम तू कर दे, ख़ुदाया ! शब-ए-बरात आई

है तेरी शान-ए-करम ही जो रहम करता हैतू ही तो झोलियाँ ख़ाली सभी की भरता हैशब-ए-बरात के सदक़े तू टाल हर मुश्किलहमारे काम, ख़ुदाया ! तेरी ही ज़ात आई

करम तू कर दे, ख़ुदाया ! शब-ए-बरात आईकरम तू कर दे, ख़ुदाया ! शब-ए-बरात आई

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