नात लिरिक्स

Sun Le Ye Jahan Sara Ajmer Rahega

सुन ले ये जहाँ सारा अजमेर रहेगा

शायर: हाफ़िज़ शौक़ फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सुन ले ये जहाँ सारा अजमेर रहेगा

अजमेर रहेगा, अजमेर रहेगाअजमेर रहेगा, अजमेर रहेगा

अजमेर में रहते हैं हम लोगों के सुल्ताँख़्वाजा के फ़िदाई हैं हम सारे मुसलमाँ

ख़्वाजा को नबी ने भेजा, अजमेर में उन को बसाया

ता-हश्र रहेगा, अजमेर रहेगा

सुन ले ये जहाँ सारा अजमेर रहेगा

अजमेर रहेगा, अजमेर रहेगाअजमेर रहेगा, अजमेर रहेगा

दा'वा ये हमारा है, ऐ ज़ालिमो ! सुन लोऔक़ात है जितनी भी तुम कोशिशें कर लो

अजमेर है मेरे ख़्वाजा का, इस धरती के महाराजा का

हरगिज़ न मिटेगा, अजमेर रहेगा

सुन ले ये जहाँ सारा अजमेर रहेगा

अजमेर रहेगा, अजमेर रहेगाअजमेर रहेगा, अजमेर रहेगा

आए थे कई राजा ख़्वाजा के मुक़ाबिलकुछ कर भी न पाए और ख़ुद मिट गए बातिल

ख़्वाजा ही रहे हैं 'आइद, तारीख़ है इस पर शाहिद

ज़ालिम तो मिटेगा, अजमेर रहेगा

सुन ले ये जहाँ सारा अजमेर रहेगा

अजमेर रहेगा, अजमेर रहेगाअजमेर रहेगा, अजमेर रहेगा

ख़्वाजा के ग़ुलामों ने अब दिल में है ठानाअजमेर के दुश्मन को जग से है मिटाना

राजा हैं हमारे ख़्वाजा, इस हिन्द पे उन का सिक्का

ता-हश्र चलेगा, अजमेर रहेगा

सुन ले ये जहाँ सारा अजमेर रहेगा

अजमेर रहेगा, अजमेर रहेगाअजमेर रहेगा, अजमेर रहेगा

ऐ शौक़-ए-फ़रीदी ! हम ख़्वाजा के दीवानेफ़िर'औन-ए-ज़माना से बिलकुल नहीं डरते

जो हो सके अब वो कर ले, पर बात ज़हन में रख ले

अजमेर रहेगा, अजमेर रहेगा

सुन ले ये जहाँ सारा अजमेर रहेगा

अजमेर रहेगा, अजमेर रहेगाअजमेर रहेगा, अजमेर रहेगा

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