नात लिरिक्स

Hajj Par Bula Le Maula

हज पर बुला ले मौला

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: हाफ़िज़ शौक़ फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तू करीम ही जो ठहरा, तो करम के क्या ठिकानेतू नवाज़ने पे आए, तो नवाज़ दे ज़माने

हज पर बुला ले, मौला ! मौला !का'बा दिखा दे, मौला !

मैं सहन-ए-हरम में पियूँ आब-ए-ज़मज़मफिरूँ गिर्द-ए-का'बा, ख़ुदाया ! मैं पैहम

ज़बाँ पर हो तकबीर-ए-अल्लाहु-अकबरमुझे, मौला ! हज की स'आदत 'अता कर

हज पर बुला ले, मौला ! मौला !का'बा दिखा दे, मौला !

मुझे हज्र-ए-अस्वद का बोसा दिला देमेरे सारे जुर्म-ओ-ख़ता को मिटा दे

मेरी नेकियों में तू बरकत 'अता करमुझे, मौला ! हज की स'आदत 'अता कर

हज पर बुला ले, मौला ! मौला !का'बा दिखा दे, मौला !

स'ई-ए-सफ़ा और मरवा करा देवो 'अरफ़ात का प्यारा मैदाँ दिखा दे

दिखा दे मिना का वो पुर-नूर मंज़रमुझे, मौला ! हज की स'आदत 'अता कर

हज पर बुला ले, मौला ! मौला !का'बा दिखा दे, मौला !

'अता कर दे मुझ को भी असबाब, मौला !मेरे हक़ में अब खोल दे दर का रस्ता

शरफ़ हाज़िरी का तू जल्दी 'अता करमुझे, मौला ! हज की स'आदत 'अता कर

हज पर बुला ले, मौला ! मौला !का'बा दिखा दे, मौला !

दर-ए-मुस्तफ़ा की ज़ियारत करा देतमन्ना ये बचपन की मेरी मिटा दे

सदा के लिए कर दे उस दर का नौकरमुझे, मौला ! हज की स'आदत 'अता कर

हज पर बुला ले, मौला ! मौला !का'बा दिखा दे, मौला !

तमन्ना-ए-शौक़-ए-फ़रीदी हो पूरी'अता का'बतुल्लाह की फिर हो हुज़ूरी

निकल जाए दम शहर-ए-तयबा में जा करमुझे, मौला ! हज की स'आदत 'अता कर

हज पर बुला ले, मौला ! मौला !का'बा दिखा दे, मौला !

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।