नात लिरिक्स

Shah-e-Madina Shah-e-Do Aalam | Le Lo Hamara Salam

शाह-ए-मदीना शाह-ए-दो-आलम | ले लो हमारा सलाम

नात ख़्वान: चाँद अफ़ज़ल क़ादरीशायर: कैसर समस्तीपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

शाह-ए-मदीना शाह-ए-दो-'आलम !ऐ नबियों के इमाम नबीजी ! ले लो हमारा सलाम

नूर-उल-'अला तुम नूर हो, आक़ा !कहता है ये क़ुरआन, नबीजी ! कहता है ये क़ुरआन'अर्श-ए-'उला से फ़र्श पे आ केदिखलाई अपनी शान, नबीजी ! दिखलाई अपनी शानतुम जो पधारे, झुक गए सारेबुत-कदे के असनाम, नबीजी ! ले लो हमारा सलाम

शाह-ए-मदीना शाह-ए-दो-'आलम !ऐ नबियों के इमाम नबीजी ! ले लो हमारा सलाम

रुत्बा तुम्हारा आ'ला, नबीजी !शान तुम्हारी निराली, नबीजी ! शान तुम्हारी निरालीदोनों जहाँ के शाह भी तुम होकाँधे कमलिया काली, नबीजी ! काँधे कमलिया कालीरब के 'अलावा कोई न जानेक्या है तुम्हारा मक़ाम, नबीजी ! ले लो हमारा सलाम

शाह-ए-मदीना शाह-ए-दो-'आलम !ऐ नबियों के इमाम नबीजी ! ले लो हमारा सलाम

मुफ़्लिस और मजबूर के दाता !बेकस के तुम ही हामी, नबीजी ! बेकस के तुम ही हामीरहमत सरापा तुम हो, नबीजी !अम्न के तुम हो पयामी, नबीजी ! अम्न के तुम हो पयामीशाह-ओ-गदा सब बन कर खड़े हैंआक़ा ! तुम्हारे ग़ुलाम, नबीजी ! ले लो हमारा सलाम

शाह-ए-मदीना शाह-ए-दो-'आलम !ऐ नबियों के इमाम नबीजी ! ले लो हमारा सलाम

बुर्राक़-ओ-रफ़रफ़ पाई सवारीतुम ने शब-ए-मे'राज, नबीजी ! तुम ने शब-ए-मे'राजरब ने तुम्हारे सर पे, नबीजी !रख्खा शफ़ा'अत का ताज, नबीजी ! रख्खा शफ़ा'अत का ताजजिन्न-ओ-बशर और हूर-ओ-मलाइककहते हैं बा-एहतिराम, नबीजी ! ले लो हमारा सलाम

शाह-ए-मदीना शाह-ए-दो-'आलम !ऐ नबियों के इमाम नबीजी ! ले लो हमारा सलाम

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।