नात लिरिक्स

Sarkar-e-Madina Se Nisbat Ho To Aisi Ho

सरकार-ए-मदीना से निस्बत हो तो ऐसी हो

नात ख़्वान: चाँद अफ़ज़ल क़ादरीशायर: समद राजाउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सरकार-ए-मदीना से निस्बत हो तो ऐसी होख़ुद प्यारे नबी कह दें, उम्मत हो तो ऐसी हो

हम भेजें मुहम्मद पर हर वक़्त दुरूद-ओ-सलामहर बंदा-ए-मोमिन की 'आदत हो तो ऐसी हो

जान अपनी बिलाल ने दी चाहत में मुहम्मद कीबस शाफ़े'-ए-महशर की चाहत हो तो ऐसी हो

हाफ़िज़ तेरे सीने में जो दौलत-ए-क़ुरआँ हैहर एक मुसलमाँ पे दौलत हो तो ऐसी हो

अहमद के नवासे ने सर हक़ पे कटा डालाहर साहिब-ए-ईमाँ की हिम्मत हो तो ऐसी हो

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