नात लिरिक्स

Sayyidul-Ambiya, Khaatmul-Mursaleen

सय्यिदुल-अम्बिया, ख़ातमुल-मुर्सलीं

नात ख़्वान: ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीशायर: महजूरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !मेरे प्यारे नबी ! तुम सा कोई नहीं

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !

चाँद से बढ़ के है तेरी प्यारी जबींमेरे प्यारे नबी ! तुम सा कोई नहीं

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !मेरे प्यारे नबी ! तुम सा कोई नहीं

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !

हैं सहाबा सितारे तो चाँद आप हैंबल्कि हो चाँद से आप ज़्यादा हसीं

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !मेरे प्यारे नबी ! तुम सा कोई नहीं

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !

आक़ा में'राज वाले की क्या शान हैआप तो हो गए ला-मकाँ के मकीं

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !मेरे प्यारे नबी ! तुम सा कोई नहीं

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !

उन की रिफ़'अत की भी बात क्या कीजिएजिन के ख़ादिम हुए जिब्रईल-ए-अमीं

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !मेरे प्यारे नबी ! तुम सा कोई नहीं

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !

बा'द तेरे न कोई नबी आएगाख़ातमुल-मुर्सलीं तुम ही हो, मह-जबीं !

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !मेरे प्यारे नबी ! तुम सा कोई नहीं

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !

तू मेरी जान है, मेरा ईमान हैतेरा फ़रमान है, 'अना ख़ातमुन्नबिय्यीन'

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !मेरे प्यारे नबी ! तुम सा कोई नहीं

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !

अपने बंदे के अब ग़म ग़लत कीजिएकि हो महजूर के तुम निशात आख़िरीं

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !मेरे प्यारे नबी ! तुम सा कोई नहीं

सय्यिदुल-अम्बिया ! ख़ातमुल-मुर्सलीं !

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