नात लिरिक्स

Sare Waliyon Ke Dil Ki Sada Hai | Al Madad Al Madad Ghous-e-Azam

सारे वलियों के दिल की सदा है | अल-मदद अल-मदद ग़ौस-ए-आज़म

नात ख़्वान: ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीशायर: मौलाना क़याम रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ग़ौस-ए-आ'ज़म ब-मन-ए-बे-सर-ओ-सामाँ मददेक़िब्ला-ए-दीं मददे, का'बा-ए-ईमाँ मददे

अल-मदद अल-मदद, या ग़ौस-ए-आ'ज़म ! अल-मददअल-मदद अल-मदद, या ग़ौस-ए-आ'ज़म ! अल-मदद

सारे वलियों के दिल की सदा हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !तू यक़ीनन मेरा पेशवा हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

डूबी कश्ती को पल में तिरायाऔर मुर्दे को तू ने जिलायारब ही जाने तेरा रुत्बा क्या हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

सारे वलियों के दिल की सदा हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

भीक मिलती है आल-ए-नबी कीइस लिए ले के कश्कोल ख़ालीतेरी चौखट पे मँगता खड़ा हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

सारे वलियों के दिल की सदा हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

दीद का जाम आ कर पिला दोमेरा सोया नसीबा जगा दोशाह-ए-जीलाँ ! यही इल्तिजा हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

सारे वलियों के दिल की सदा हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तेरे दर का वो कुत्ता जुदा हैजो कभी शेर से ना डरा हैहौसला उस को तुझ से मिला हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

सारे वलियों के दिल की सदा हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

रंज-ओ-कुल्फ़त ने जब जब है घेराकाम आया है तब ये वज़ीफ़ाहर घड़ी मेरे लब पे सजा हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

सारे वलियों के दिल की सदा हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

इक घड़ी पहुँचे सत्तर के घर परचाहे मुफ़्लिस हो या हो तवंगरयक-ज़ुबाँ हो के सब ने कहा हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

सारे वलियों के दिल की सदा हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

शाह-ए-बग़दाद ! हम पर करम होदूर आफ़ात और रंज-ओ-ग़म होअच्छे अच्छों से हम ने सुना हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

सारे वलियों के दिल की सदा हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

ऐ क़याम ! उन से है अपना रिश्ताग़ौस से जिन को है प्यार सच्चासुन के चेहरा ये जिन का खिला हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

सारे वलियों के दिल की सदा हैअल-मदद अल-मदद, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

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