नात लिरिक्स

Sara Jahan Fida Hai Milad-e-Mustafa Hai

सारा जहाँ फ़िदा है मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सारा जहाँ फ़िदा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा हैहर कोई कह रहा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

सदियों से मुंतज़िर था जिस नूर का ज़मानावो नूर आ रहा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

बारह रबी'-उल-अव्वल तुझ पर निसार जाऊँकैसा शरफ़ मिला है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !आक़ा की आमद ! मरहबा !मौला की आमद ! मरहबा !सब झूम के बोलो ! मरहबा !लब चूम के बोलो ! मरहबा !ललकार के बोलो ! मरहबा !

मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

सिदरा से ले के उतरे जिब्रील तीन झंडेपैग़ाम दे दिया है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

रौनक़ लगी हुई है घर आमिना के आओमक्के में ग़ुल उठा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

रौनक़ लगी हुई है घर आमिना के आओ

घर आमिना के आओ, घर आमिना के आओ

भर लो करम नाल झोलियाँ, आ जाओ मँगतेयो !

सुब्ह-ए-सादिक़ है, फ़क़ीरो ! आमिना के घर चलोकासा ले कर, बे-सहारो ! आमिना के घर चलो

ख़ूब सदक़ा बट रहा है, आमिना के ला'ल काताजदारो मालदारो ! आमिना के घर चलो

वो उठाते हैं सभी नादारों मिस्कीनों का बोझऐ ज़'ईफ़ो ना-तवानो ! आमिना के घर चलो

माँग लो जो माँगनी है, ऐ उजागर ! ने'मतेंअपना दामन तुम पसारो, आमिना के घर चलो

जो माँगना है माँगो, जो लेना है सो ले लो

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !आक़ा की आमद ! मरहबा !मौला की आमद ! मरहबा !सब झूम के बोलो ! मरहबा !लब चूम के बोलो ! मरहबा !ललकार के बोलो ! मरहबा !

मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

बचपन में सैर उन को दुनिया की यूँ कराईदुनिया का बादशाह है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

उस पर दुरूद भेजो जिस पर ख़ुदा ने भेजाक्या उन का मर्तबा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

मीलाद की, उजागर ! महफ़िल सजाई मैं नेघर मेरा सज गया है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

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